25 अक्तूबर 2013

स्म्रतियां
यादें
जीवन के नन्हें शिशु हैं
उम्र के साथ बढती जाती है
उनमें नमी
जैसे दरख्त की सबसे ऊंची पत्ती में
 आसमान भरता जाता है
जैसे खीसे में चिल्लर का भार
या आँखों में पानी की तहें
या बादलों में हरापन ...
यादों में घर होते हैं और
कई बार कई कई घरों में रहते हैं हम
एक साथ
घर बदलने का मतलब
सारी दुनियां का बदल जाना है
कुछ यादों से वक़्त खरोंच लेता है उनके रंग 
 कई यादों को पहचान पाते हैं हम
उनकी हंसी या गीलेपन से
 कई चेहरे ऐसे भी होते हैं जो
छिपा जाते हैं

अपना रोना हमारी स्म्रतियों में  

4 टिप्‍पणियां:

  1. स्मृति की प्रक्रिया बड़ा रहस्य लिये होती है, न जाने कब टपक जायें सामने।

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  2. याद या स्मृति एक बीज के रूप में हृदय में छुपा रहता है ...उम्दा पोस्ट ..मेरे भी ब्लॉग पर आये

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